Saturday, September 10, 2011

प्रकाश से भी तीव्र गति ?

प्रकाश से भी तीव्र गति ?
वो,
जो किसी विशेष
समुदाय या परिवार
से जुड़,
राजनीति में घुस गए !
एक समूह के नेता बन,
नारे देते उत्थान के उनके !
या
शर्मनिरपेक्ष चालों से,
है
वोट बैंक
बना लेते !
वो कल तक
झुग्गी बस्ती में
या किसी
"रेस्तरां में बेयरा हों,"
भले
सामान्य नौकरी की
योग्यता न हो उनमें!
हैं, देखते देखते
कुबेर स्वामी बन जाते ?
जबकि अति विद्वान्,
व कर्मठ भी
दैनिक आवश्यकताओं की
पूर्ति नहीं कर पाते!
कठोर परिश्रम से
जूझते हैं;
मात्र, एक पग
बढाने को ?
और ये
राजनैतिक चाल बाज़
कैसे;
आगे बाद जाते हैं,
प्रकाश से भी तीव्र गति से, ..
प्रकाश से भी तीव्र गति से ...?
तिलक
संपादक युग दर्पण 
9911111611
"अंधेरों के जंगल में,दिया मैंने जलाया है !
इक दिया,तुम भी जलादो;अँधेरे मिट ही जायेंगे !!" युगदर्पण

Saturday, September 3, 2011

यदि राउल विंची उर्फ राहुल गांधी भारत के प्रधान मंत्री बने : -

यदि राउल विंची उर्फ राहुल गांधी भारत के प्रधान मंत्री बने : -यदि चाटुकारों की मंडली के पीछे टट्टुओं की चली तो और ...
-तो ऐसी अनेकों संभावनाओं के द्वार खुल जायेंगे, कि
- मुंबई और अन्य महानगरों में दैनिक बम विस्फोट संभावित
- इंडियन मुजाहिदीन, सिमी, जेएम, एचएम आदि को कानूनी मान्यता 
- एक और कारगिल युद्ध की सम्भावना 
- कश्मीर के पाकी आतंकवादी सेना को बेचने में कोई शंका नहीं
- या तो ईसाई धर्म या इस्लाम के लिए बलात धर्मांतरणों की 
सम्भावना
- हिंदुओं की व्यवस्थित हत्या की सम्भावना 
- भारत के आधा दर्जन से अधिक विभाजन की सम्भावना......

"अंधेरों के जंगल में,दिया मैंने जलाया है ! 
इक दिया,तुम भी जलादो;अँधेरे मिट ही जायेंगे !!" युगदर्पण